لَّا تُدۡرِكُهُ ٱلۡأَبۡصَٰرُ وَهُوَ يُدۡرِكُ ٱلۡأَبۡصَٰرَۖ وَهُوَ ٱللَّطِيفُ ٱلۡخَبِيرُ ١٠٣
उसे निगाहें नहीं पातीं65 और वह सब निगाहों को पाता है और वही अत्यंत सूक्ष्मदर्शी, सब ख़बर रखने वाला है।
फ़ुटनोट
65 अर्थात इस संसार में उसे कोई नहीं देख सकता।
तफ़सीर
उसे निगाहें नहीं पातीं, परंतु वह महिमावान सब निगाहों को पाता है और उन्हें घेरे हुए है। तथा वह अपने नेक बंदों के प्रति दयालु, उनकी ख़बर रखने वाला है।