كَلَّا لَئِن لَّمۡ يَنتَهِ لَنَسۡفَعَۢا بِٱلنَّاصِيَةِ ١٥
कदापि नहीं, निश्चय यदि वह नहीं माना, तो हम अवश्य उसे माथे की लट पकड़कर घसीटेंगे।
तफ़सीर
मामला वैसा नहीं है, जैसा इस मूर्ख ने समझ रखा है, यदि उसने हमारे बंदे को कष्ट पहुँचाना और उसे झुठलाना बंद नहीं किया, तो हम उसके माथे की लट पकड़कर जहन्नम की ओर घसीटेंगे।