सूरह Al-A'la, आयत 5

87:5

فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحۡوَىٰ ٥

फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।2

फ़ुटनोट

2 (4-5) इन आयतों में बताया गया है कि प्रत्येक कार्य अनुक्रम से धीरे-धीरे होते हैं। धरती के पौधे धीरे-धीरे गुंजान और हरे-भरे होते हैं। ऐसे ही मानवीय योग्यताएँ भी धीरे-धीरे पूरी होती हैं।

तफ़सीर

फिर उसे काले रंग की सूखी घास बना दी, जबकि वह पहले हरी ताज़ी (घास) थी।