صُحُفِ إِبۡرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ ١٩
इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।6
फ़ुटनोट
6 (16-19) इन आयतों का भावार्थ यह है कि वास्तव में रोग यह है कि काफ़िरों को सांसारिक स्वार्थ के कारण नबी की बातें अच्छी नहीं लगतीं। जबकि परलोक ही स्थायी है। और यही सभी आदि ग्रंथों की शिक्षा है।
तफ़सीर
ये इबराहीम और मूसा अलैहिमस्सलाम पर उतरने वाले सह़ीफ़े हैं।