सूरह Al-Ahzab, आयत 65

33:65

خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدٗاۖ لَّا يَجِدُونَ وَلِيّٗا وَلَا نَصِيرٗا ٦٥

वे उसमें सदैव रहेंगे। वे न कोई दोस्त पाएँगे और न कोई सहायक।

तफ़सीर

वे उस आग की यातना में जो उनके लिए तैयार की गई है सदैव रहेंगे। जिसमें उन्हें न कोई दोस्त मिलेगा, जो उन्हें लाभ पहुँचा सके और न कोई सहायक मिलेगा, जो उनसे यातना को दूर कर सके।