सूरह Al-Ahzab, आयत 60

33:60

۞ لَّئِن لَّمۡ يَنتَهِ ٱلۡمُنَٰفِقُونَ وَٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٞ وَٱلۡمُرۡجِفُونَ فِي ٱلۡمَدِينَةِ لَنُغۡرِيَنَّكَ بِهِمۡ ثُمَّ لَا يُجَاوِرُونَكَ فِيهَآ إِلَّا قَلِيلٗا ٦٠

यदि मुनाफ़िक़44 तथा वे लोग जिनके दिलों में रोग है और मदीना में अफ़वाह फैलाने वाले बाज़ नहीं आए, तो हम आपको उनके पीछे लगा देंगे। फिर वे आपके साथ उसमें थोड़े ही समय के लिए रह सकेंगे।

फ़ुटनोट

44 मुनाफ़िक़, मुसलमानों को हताश करने के लिए कभी मुसलमानों की पराजय और कभी किसी भारी सेना के आक्रमण की अफ़वाह मदीना में फैला दिया करते थे। जिसके दुष्परिणाम से उन्हें सावधान किया गया है।

तफ़सीर

यदि मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) ने दिल में कुफ़्र छिपाकर और इस्लाम का ढोंग करके अपने पाखंड को समाप्त नहीं किया, तथा वे लोग जिनके दिलों में अपनी वासनाओं के प्रति लगाव का रोग है और वे लोग जो मदीना में मोमिनों के बीच फूट डालने के उद्देश्य से झूठी खबरें फैलाते रहते हैं, (यदि ये लोग अपनी करतूतों से बाज़ नहीं आए) - तो हम आपको (ऐ रसूल!) उन्हें दंडित करने के लिए आदेश दे देंगे और आपको उनपर हावी कर देंगे। फिर वे आपके साथ मदीना में थोड़े ही समय के लिए रह सकेंगे। क्योंकि उनके ज़मीन पर भ्रष्टाचार करने के कारण, उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा या मदीना से निष्कासित कर दिया जाएगा।