सूरह Al-Ahzab, आयत 48

33:48

وَلَا تُطِعِ ٱلۡكَٰفِرِينَ وَٱلۡمُنَٰفِقِينَ وَدَعۡ أَذَىٰهُمۡ وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱللَّهِۚ وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ وَكِيلٗا ٤٨

तथा आप काफ़िरों और मुनाफ़िकों की बात न मानें, तथा उनके कष्ट पहुँचाने की परवाह न करें, और अल्लाह ही पर भरोसा रखें, तथा अल्लाह काम बनाने के लिए काफ़ी है।

तफ़सीर

आप काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों का उस चीज़ में पालन न करें, जो वे अल्लाह के धर्म से रोकने की ओर बुलाते हैं। तथा उनसे उपेक्षा करें। शायद यह इस बात का अधिक प्रेरक हो कि वे उस चीज़ पर ईमान ले आएँ जिसे लेकर आप उनके पास आए हैं। आप अपने सभी मामलों में अल्लाह पर भरोसा करें; जिनमें अपने दुश्मनों पर जीत भी शामिल है। तथा अल्लाह कारसाज़ (काम बनानेवाले) के रूप में पर्याप्त है, जिसपर बंदे अपने दुनिया और आख़िरत के सभी मामलों में भरोसा करते हैं।