وَدَاعِيًا إِلَى ٱللَّهِ بِإِذۡنِهِۦ وَسِرَاجٗا مُّنِيرٗا ٤٦
तथा अल्लाह की अनुमति से उसकी ओर बुलाने वाला और एक प्रकाशमान दीप (बनाकर भेजा है)।34
फ़ुटनोट
34 इस आयत में यह संकेत है कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) दिव्य प्रदीप के समान पूरे मानव विश्व को सत्य के प्रकाश से, जो एकेश्वरवाद तथा एक अल्लाह की इबादत है, प्रकाशित करने के लिए आए हैं। और यही आपकी विशेषता है कि आप किसी जाति या देश अथवा वर्ण-वर्ग के लिए नहीं आए हैं। और अब प्रलय तक सत्य का प्रकाश आप ही के अनुसरण से प्राप्त हो सकता है।
तफ़सीर
हमने आपको अल्लाह के आदेश से उसके एकेश्वरवाद और उसकी आज्ञाकारिता की ओर बुलाने वाला बनाकर भेजा है। तथा हमने आपको एक प्रकाशमान् दीप बनाकर भेजा है, जिससे हर मार्गदर्शन चाहने वाला प्रकाश प्राप्त करता है।