सूरह Al-Ahzab, आयत 45

33:45

يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ إِنَّآ أَرۡسَلۡنَٰكَ شَٰهِدٗا وَمُبَشِّرٗا وَنَذِيرٗا ٤٥

ऐ नबी! हमने आपको गवाही31 देने वाला, शुभ सूचना देने वाला32 और डराने वाला33 बनाकर भेजा है।

फ़ुटनोट

31 अर्थात लोगों को अल्लाह का उपदेश पहुँचाने की गवाही देने वाला। (देखिए : सूरतुल-बक़रा, आयत : 143, तथा सूरतुन-निसा, आयत : 41)

32 अल्लाह की दया तथा स्वर्ग का, आज्ञाकारियों के लिए।

33 अल्लाह की यातना तथा नरक से, अवज्ञाकारीयों के लिए।

तफ़सीर

ऐ नबी! हमने आपको लोगों की ओर, उनपर इस बात का गवाह बनाकर भेजा है कि आपने उन्हें वह संदेश पहुँचा दिया जिसके साथ आप उनकी ओर भेजे गए थे, तथा उनमें से ईमान वालों को उस जन्नत की शुभ सूचना देने वाला जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार कर रखी है तथा काफिरों को उसकी यातना से डराने वाला बनाकर भेजा है।