إِنَّكُمۡ لَفِي قَوۡلٖ مُّخۡتَلِفٖ ٨
निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात2 में पड़े हो।
फ़ुटनोट
2 अर्थात क़ुरआन तथा प्रलय के विषय में विभिन्न बातें कर रहे हैं।
तफ़सीर
निश्चय (ऐ मक्का वालो!) तुम एक विरोधाभासी और परस्पर विरोधी बात में पड़े हो। कभी तुम कहते हो : क़ुरआन जादू है, तो कभी कहते हो कि काव्य (शे'र) है। इसी तरह कभी कहते हो कि मुहम्मद जादूगर हैं, तो कभी कहते हो कि कवि (शा'इर) हैं।