إِنَّ هَٰذَا مَا كُنتُم بِهِۦ تَمۡتَرُونَ ٥٠
निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।
तफ़सीर
यह वही यातना है, जिसके क़ियामत के दिन घटित होने के बारे में तुम संदेह करते थे। परंतु अब उसे अपनी आँखों से देखकर तुम्हारा संदेह दूर हो गया।
إِنَّ هَٰذَا مَا كُنتُم بِهِۦ تَمۡتَرُونَ ٥٠
निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।
यह वही यातना है, जिसके क़ियामत के दिन घटित होने के बारे में तुम संदेह करते थे। परंतु अब उसे अपनी आँखों से देखकर तुम्हारा संदेह दूर हो गया।