सूरह Ad-Dukhan, आयत 27

44:27

وَنَعۡمَةٖ كَانُواْ فِيهَا فَٰكِهِينَ ٢٧

तथा सुख-सामग्री, जिनमें वे आनंद ले रहे थे।

तफ़सीर

और वे अपने पीछे कितनी ही सुख-सामग्रियाँ छोड़ गए, जिनका वे आनंद ले रहे थे।