كَمۡ تَرَكُواْ مِن جَنَّٰتٖ وَعُيُونٖ ٢٥
वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।
तफ़सीर
फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग अपने पीछे कितने ही बाग़ और बहते हुए स्रोत छोड़ गए!
كَمۡ تَرَكُواْ مِن جَنَّٰتٖ وَعُيُونٖ ٢٥
वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।
फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग अपने पीछे कितने ही बाग़ और बहते हुए स्रोत छोड़ गए!