أَنَّىٰ لَهُمُ ٱلذِّكۡرَىٰ وَقَدۡ جَآءَهُمۡ رَسُولٞ مُّبِينٞ ١٣
उनके लिए नसीहत कहाँ? हालाँकि, निश्चित रूप से उनके पास स्पष्ट करने वाला रसूल आ चुका।
तफ़सीर
उनके लिए नसीहत हासिल करने और पश्चाताप कर अपने पालनहार की ओर लौटने का अवसर अब कहाँ रहा, जबकि उनके पास एक स्पष्ट संदेश वाला रसूल आ चुका है और वे उसकी सच्चाई और अमानतदारी से भी अवगत हैं?!