सूरह Ad-Duha, आयत 11

93:11

وَأَمَّا بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثۡ ١١

और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।2

फ़ुटनोट

2 (10-11) इन अंतिम आयतों में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को बताया गया है कि हमने तुमपर जो उपकार किए हैं, उनके बदले में तुम अल्लाह की उत्पत्ति के साथ दया और उपकार करो यही हमारे उपकारों की कृतज्ञता होगी।

तफ़सीर

तथा आप अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का शुक्रिया अदा करें और उन्हें बयान करते रहें।