وَتَوَلَّىٰ عَنۡهُمۡ وَقَالَ يَٰٓأَسَفَىٰ عَلَىٰ يُوسُفَ وَٱبۡيَضَّتۡ عَيۡنَاهُ مِنَ ٱلۡحُزۡنِ فَهُوَ كَظِيمٞ ٨٤
और वह उनसे वापस फिरा और कहा : हाय अफ़सोस, यूसुफ़ की जुदाई पर! और उसकी दोनों आँखें शोक के कारण सफेद हो गईं। तो वह शोक से भरा हुआ था।
तफ़सीर
वह उनसे मुँह फेरते हुए दूर हट गए और कहा : हाय मेरे दुःख की तीव्रता यूसुफ़ की जुदाई पर! और यूसुफ़ की जुदाई पर रोते-रोते उनकी आँखों के काले भाग सफ़ेद हो चुके थे। चुनाँचे उनका दिल शोक तथा दुःख से भरा हुआ था, वह अपने दुःख को लोगों से छिपाते थे।