فَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمۡ جَعَلَ ٱلسِّقَايَةَ فِي رَحۡلِ أَخِيهِ ثُمَّ أَذَّنَ مُؤَذِّنٌ أَيَّتُهَا ٱلۡعِيرُ إِنَّكُمۡ لَسَٰرِقُونَ ٧٠
फिर जब उसने उन्हें उनके सामान के साथ तैयार कर दिया, तो (अनाज) मापने का बर्तन अपने भाई के सामान में रख दिया। फिर एक पुकारने वाले ने पुकारा : ऐ क़ाफ़िले वालो! निःसंदेह तुम निश्चय चोर हो!
तफ़सीर
फिर जब यूसुफ़ ने अपने सेवकों को अपने भाइयों के ऊँटों पर ग़ल्ला लादने का आदेश दिया, तो राजा के मापने के बर्तन को जिससे ग़ल्ला लेने वालों को मापकर दिया करते थे, उनके ज्ञान के बिना अपने सगे भाई की बोरी में डाल दिया, ताकि वह उसे अपने पास रख सकें।। फिर जब वे अपने परिवार की ओर वापस लौटने के लिए निकलने पड़े, तो पीछे से एक आवाज़ देने वाले ने आवाज़ दी : ऐ अन्न से लदे हुए ऊँटों वालो! निश्चय तुम चोर हो।