सूरह Yunus, आयत 21

10:21

وَإِذَآ أَذَقۡنَا ٱلنَّاسَ رَحۡمَةٗ مِّنۢ بَعۡدِ ضَرَّآءَ مَسَّتۡهُمۡ إِذَا لَهُم مَّكۡرٞ فِيٓ ءَايَاتِنَاۚ قُلِ ٱللَّهُ أَسۡرَعُ مَكۡرًاۚ إِنَّ رُسُلَنَا يَكۡتُبُونَ مَا تَمۡكُرُونَ ٢١

और जब हम लोगों को उनके किसी तकलीफ़ में पड़ने के बाद कोई दया चखाते हैं, तो अचानक उनके लिए हमारी आयतों के बारे में कोई न कोई चाल होती है। कह दें कि अल्लाह अधिक तेज़ उपाय करने वाला है। निःसंदेह हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) लिख रहे हैं, जो तुम चाल चलते हो।

तफ़सीर

और जब हम बहुदेववादियों को उनके अकाल और दुखों से पीड़ित होने के पश्चात् बारिश एवं हरियाली का स्वाद चखाते हैं, तो वे हमारी निशानियों का मखौल उड़ाते और उन्हें झुठलाते हैं। (ऐ पैगंबर!) आप इन बहुदेववादियों से कह दें : अल्लाह का उपाय सबसे तीव्र है और वह तुम्हें ढील देने और सज़ा देने में अधिक तेज़ है। निःसंदेह संरक्षक फ़रिश्ते तुम्हारी चालबाज़ियों को लिख रहे हैं। उनसे कोई चीज़ नहीं छूटती है। तो फिर उनके पैदा करने वाले (अल्लाह) से कैसे छूट सकती है?! तथा अल्लाह तुम्हें तुम्हारी चालबाज़ी का बदला देगा।