सूरह Yasin, आयत 24

36:24

إِنِّيٓ إِذٗا لَّفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ ٢٤

निःसंदेह मैं उस समय खुली गुमराही में हूँगा।

तफ़सीर

यदि मैंने उन्हें अल्लाह के सिवा पूज्य बना लिया, तो निश्चय ही मैं एक स्पष्ट गलती में पड़ गया; क्योंकि मैंने उसकी पूजा की, जो पूजा के योग्य नहीं है और उसकी इबादत करना छोड़ दिया, जो उसका योग्य है।