सूरह Taha, आयत 28

20:28

يَفۡقَهُواْ قَوۡلِي ٢٨

ताकि वे मेरी बात समझ लें।

तफ़सीर

ताकि जब मैं तेरा संदेश उन तक पहुँचाऊँ, तो वे मेरी बात समझ सकें।