فَقُلۡنَا يَٰٓـَٔادَمُ إِنَّ هَٰذَا عَدُوّٞ لَّكَ وَلِزَوۡجِكَ فَلَا يُخۡرِجَنَّكُمَا مِنَ ٱلۡجَنَّةِ فَتَشۡقَىٰٓ ١١٧
तो हमने कहा : निःसंदेह यह तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी का दुश्मन है, इसलिए कहीं तुम दोनों को जन्नत से न निकलवा दे कि तुम मुसीबत में पड़ जाओगे।
तफ़सीर
इसपर हमने कहा : ऐ आदम! निःसंदेह इबलीस तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी का शुत्र है। अतः ऐसा न हो कि उसके बहकावे में आकर उसकी बात मानने के कारण वह तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को जन्नत से निकलवा दे और तुम कष्ट एवं कठिनाई में पड़ जाओ।