وَنُفِخَ فِي ٱلصُّورِۚ ذَٰلِكَ يَوۡمُ ٱلۡوَعِيدِ ٢٠
और सूर में फूँक दिया गया। यही यातना के वादे का दिन है।
तफ़सीर
और सूर (नरसिंघा) में फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ते ने दूसरी बार फूँक मार दी। यही क़ियामत का दिन, काफ़िरों और पापियों के लिए यातना की धमकी का दिन है।