सूरह Nuh, आयत 21

71:21

قَالَ نُوحٞ رَّبِّ إِنَّهُمۡ عَصَوۡنِي وَٱتَّبَعُواْ مَن لَّمۡ يَزِدۡهُ مَالُهُۥ وَوَلَدُهُۥٓ إِلَّا خَسَارٗا ٢١

नूह ने कहा : ऐ मेरे रब! निःसंदेह उन्होंने मेरी अवज्ञा की और उसका5 अनुसरण किया, जिसके धन और संतान ने उसकी क्षति ही को बढ़ाया।

फ़ुटनोट

5 अर्थात अपने प्रमुखों का।

तफ़सीर

नूह (अलैहिस्सलाम) ने कहा : ऐ मेरे रब! मेरी जाति के लोगों ने उस चीज़ में मेरी अवज्ञा की, जो मैंने उन्हें तेरे एकेश्वरवाद (तौहीद) और अकेले तेरी इबादत करने का आदेश दिया। और उनमें से निचले स्तर के लोगों ने अपने सरदारों का अनुसरण किया, जिन्हें तू ने धन और संतान की नेमत प्रदान की है। परन्तु तू ने उन्हें जो कुछ प्रदान किया, उसने उन्हें गुमराही के अलावा किसी चीज़ में नहीं बढ़ाया।