إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَصَدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَشَآقُّواْ ٱلرَّسُولَ مِنۢ بَعۡدِ مَا تَبَيَّنَ لَهُمُ ٱلۡهُدَىٰ لَن يَضُرُّواْ ٱللَّهَ شَيۡـٔٗا وَسَيُحۡبِطُ أَعۡمَٰلَهُمۡ ٣٢
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अल्लाह की राह से रोका तथा रसूल का विरोध किया, इसके पश्चात कि उनके लिए सीधा मार्ग स्पष्ट हो गया, वे कदापि अल्लाह का कोई नुक़सान नहीं करेंगे और जल्द ही वह उनके कर्मों को नष्ट कर देगा।
तफ़सीर
निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया, तथा खुद को और अन्य लोगों को अल्लाह के धर्म से रोका और उसके रसूल का विरोध किया तथा उनके साथ दुश्मनी की, जबकि यह स्पष्ट हो गया कि वह अल्लाह के नबी हैं - वे कदापि अल्लाह को कोई नुकसान नहीं पहुँचाएंगे, बल्कि वे ख़ुद अपना नुक़सान करेंगे और अल्लाह उनके कर्मों को व्यर्थ कर देगा।