رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا فَٱعۡبُدۡهُ وَٱصۡطَبِرۡ لِعِبَٰدَتِهِۦۚ هَلۡ تَعۡلَمُ لَهُۥ سَمِيّٗا ٦٥
जो आकाशों और धरती का और उन दोनों के बीच की चीज़ों का पालनहार है। अतः उसी की इबादत करें तथा उसकी इबादत पर पर दृढ़ रहें। क्या आप उसका समकक्ष किसी को जानते हैं?
तफ़सीर
वह आकाशों तथा धरती का रचयिता, उन दोनों का मालिक और उनके मामले का प्रबंधक, तथा उन दोनों के बीच की चीज़ों का रचयिता, उनका मालिक तथा उनके मामले का प्रबंधक है। अतः केवल उसी की इबादत करो। क्योंकि वही इबादत का हक़दार है। तथा उसकी इबादत पर दृढ़ रहो। क्योंकि उसका कोई सदृश या समकक्ष नहीं है, जो इबादत में उसका साझीदार हो।