Laqad ja'akum rasulun

अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

لَقَدۡ جَآءَكُمۡ رَسُولٞ مِّنۡ أَنفُسِكُمۡ عَزِيزٌ عَلَيۡهِ مَا عَنِتُّمۡ حَرِيصٌ عَلَيۡكُم بِٱلۡمُؤۡمِنِينَ رَءُوفٞ رَّحِيمٞ ١٢٨

निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हीं में से एक रसूल आया है। तुम्हारा कठिनाई में पड़ना उसपर बहुत कठिन है। वह तुम्हारे कल्याण के लिए अति उत्सुक है, ईमान वालों के प्रति बहुत करुणामय, अत्यंत दयावान् है।

तफ़सीर

निःसंदेह तुम्हारे पास (ऐ अरब के लोगो!) तुम्हारे ही वर्ग से एक रसूल आया है, वह तुम्हारी ही तरह एक अरबी है। उसके लिए वह बहुत कष्टदायक है, जिससे तुम्हें कष्ट पहुँचे। वह तुम्हारे मार्गदर्शन का बहुत इच्छुक और तुम्हारा बहुत ध्यान रखने वाला है तथा वह विशेष रूप से ईमान वालों के प्रति बहुत करुणा और दया वाला है।

فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَقُلۡ حَسۡبِيَ ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ عَلَيۡهِ تَوَكَّلۡتُۖ وَهُوَ رَبُّ ٱلۡعَرۡشِ ٱلۡعَظِيمِ ١٢٩

फिर यदि वे मुँह फेरें, तो कह दें कि मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है। उसके सिवा कोई (वास्तविक) पूज्य नहीं, मैंने उसी पर भरोसा किया है, और वही बड़े अर्श का रब है।

तफ़सीर

फिर अगर वे आपसे मुँह मोड़ें और उसपर ईमान न लाएँ, जो आप लेकर आए हैं, तो (ऐ रसूल!) आप उनसे कह दें : मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है, जिसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। मैंने उसी अकेले (अल्लाह) पर भरोसा किया और वही महिमावान महान सिंहासन (अर्श) का मालिक है।

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सवाल-जवाब

Laqad ja'akum rasulun क़ुरआन में कहां है?

Laqad ja'akum rasulun सूरह At-Tawbah, 9:128-129 में है।