مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَۖ وَمَا هِيَ مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ بِبَعِيدٖ ٨٣
जो तेरे पालनहार के यहाँ चिह्न लगाई हुई थीं और वह33 अत्याचारियों34 से कुछ दूर नहीं।
फ़ुटनोट
33 अर्थात सदूम, जो समूद की बस्ती थी।
34 अर्थात आज भी जो उनकी नीति पर चल रहे हैं, उनपर ऐसी ही यातना आ सकती है।
तफ़सीर
इन पत्थरों को एक विशेष चिह्न के साथ अल्लाह के यहाँ से चिह्नित किया गया था। और ये पत्थर कुरैश और अन्य अत्याचारियों से कुछ दूर नहीं हैं। बल्कि वे निकट ही हैं, जब भी अल्लाह उन्हें उनपर बरसाने का फ़ैसला करेगा, बरस पड़ेंगे।