يَٰٓإِبۡرَٰهِيمُ أَعۡرِضۡ عَنۡ هَٰذَآۖ إِنَّهُۥ قَدۡ جَآءَ أَمۡرُ رَبِّكَۖ وَإِنَّهُمۡ ءَاتِيهِمۡ عَذَابٌ غَيۡرُ مَرۡدُودٖ ٧٦
(फ़रिश्तों ने कहा :) ऐ इबराहीम! इस बात को रहने दो। निःसंदेह तुम्हारे पालनहार का आदेश28 आ चुका तथा उनपर ऐसी यातना आने वाली है, जो हटाई जाने वाली नहीं।
फ़ुटनोट
28 आर्थात यातना का आदेश।
तफ़सीर
फ़रिश्तों ने कहा : ऐ इबराहीम! लूत की जाति के बारे में बहस करना छोड़ो। निःसंदेह उनपर उस यातना को लाने का अल्लाह का निर्णय आ चुका है, जो उसने उनपर मुक़द्दर किया है। निःसंदेह लूत की जाति पर बड़ा अज़ाब आने वाला है, जिसे न कोई बहस टाल सकती है और न कोई प्रार्थना।