يَوۡمَ يَأۡتِ لَا تَكَلَّمُ نَفۡسٌ إِلَّا بِإِذۡنِهِۦۚ فَمِنۡهُمۡ شَقِيّٞ وَسَعِيدٞ ١٠٥
जिस दिन वह आ जाएगा, तो अल्लाह की अनुमति के बिना कोई प्राणी बात नहीं कर सकेगा, फिर उनमें से कुछ अभागे होंगे और कुछ भाग्यशाली होंगे।
तफ़सीर
जिस दिन वह दिन आ जाएगा, तो कोई भी प्राणी किसी तर्क अथवा अनुशंसा की बात उसकी अनुमति के बाद ही कर सकेगा। उस दिन लोग दो प्रकार के होंगे : एक अभागा जो दोज़ख में जाएगा और एक भाग्यशाली जो जन्नत में प्रवेश करेगा।