सूरह Fussilat, आयत 16

41:16

فَأَرۡسَلۡنَا عَلَيۡهِمۡ رِيحٗا صَرۡصَرٗا فِيٓ أَيَّامٖ نَّحِسَاتٖ لِّنُذِيقَهُمۡ عَذَابَ ٱلۡخِزۡيِ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ وَلَعَذَابُ ٱلۡأٓخِرَةِ أَخۡزَىٰۖ وَهُمۡ لَا يُنصَرُونَ ١٦

अंततः, हमने कुछ अशुभ दिनों में उनपर प्रचंड वायु भेज दी। ताकि हम उन्हें सांसारिक जीवन में अपमानकारी यातना चखाएँ और आख़िरत (परलोक) की यातना तो और अधिक अपमानकारी है। तथा उन्हें कोई सहायता नहीं दी जाएगी।

तफ़सीर

अंततः, हमने उनपर कुछ ऐसे दिनों में, जो अपनी यातना के कारण उनके हक़ में अशुभ थे, उनपर ऐसी वायु भेज दी, जो घबराहट पैदा करने वाली आवाज़ के साथ चल रही थी; ताकि उन्हें सांसारिक जीवन में ही अपमानकारी यातना चखाएँ और आख़िरत की यातना, जिसकी उन्हें प्रतीक्षा है, और ज़्यादा अपमानकारी है। तथा उन्हें कोई सहायक नहीं मिलेगा, जो उन्हें यातना से बचा सके।