لَّهُۥ مَقَالِيدُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ ٦٣
आकाशों तथा धरती की कुंजियाँ12 उसी के पास हैं तथा जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, वही लोग घाटा उठाने वाले हैं।
फ़ुटनोट
12 अर्थात सबका विधाता तथा स्वामी वही है। वही सबकी व्यवस्था करता है। और सब उसी के अधीन तथा अधिकार में हैं।
तफ़सीर
आकाशों तथा धरती की धन-संपत्तियों के खज़ानों की कुंजियाँ केवल उसी के पास हैं। वह जिसे चाहता है, धन-दौलत प्रदान करता है और जिसे चाहता है वंचित रखता है। तथा जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, वही लोग क्षति में हैं। क्योंकि वे सांसारिक जीवन में ईमान की दौलत से वंचित रहे और आख़िरत में जहन्नम में प्रवेश करेंगे, जहाँ उन्हें हमेशा रहना पड़ेगा।