وَأَنِيبُوٓاْ إِلَىٰ رَبِّكُمۡ وَأَسۡلِمُواْ لَهُۥ مِن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَكُمُ ٱلۡعَذَابُ ثُمَّ لَا تُنصَرُونَ ٥٤
तथा अपने पालनहार की ओर झुक पड़ो और उसके आज्ञाकारी हो जाओ, इससे पहले कि तुमपर यातना आ जाए, फिर तुम्हारी सहायता न की जाए।
तफ़सीर
अपने पालनहार की आेर तौबा और अच्छे कर्मों के ज़रिए लाैट चलो और उसी के कहे के अनुसार चलो, इससे पहले कि प्रलय की यातना आ पहुँचे, फ़िर तुम अपनी मूर्तियों तथा परिवार के लोगों में से किसी को न पाओ, जो तुम्हें जहन्नम की यातना से बचाने में तुम्हारी सहायता करे।