सूरह Az-Zumar, आयत 46

39:46

قُلِ ٱللَّهُمَّ فَاطِرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ عَٰلِمَ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ أَنتَ تَحۡكُمُ بَيۡنَ عِبَادِكَ فِي مَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ ٤٦

(ऐ नबी!) आप कह दें: ऐ अल्लाह, आकाशों तथा धरती के पैदा करने वाले, परोक्ष तथा प्रत्यक्ष के जानने वाले! तू ही अपने बंदों के बीच उस बात के बारे में निर्णय करेगा, जिसमें वे झगड़ रहे थे।

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप कह दें: ऐ अल्लाह, आकाशों तथा धरती को किसी पूर्व नमूने के बिना पैदा करने वाले, परोक्ष तथा प्रत्यक्ष के जानने वाले, जिससे कोई वस्तु छिपी नही है! तू ही क़ियामत के दिन अपने बंदों के बीच उस बात का निर्णय करेगा, जिसके बारे में वे दुनिया में झगड़ रहे थे। अतः तू स्पष्ट कर देगा कि कौन सत्य पर था और कौन असत्य पर तथा कौन सौभाग्यशाली था और कौन दुर्भाग्यशाली।