أَفَمَن يَتَّقِي بِوَجۡهِهِۦ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ وَقِيلَ لِلظَّٰلِمِينَ ذُوقُواْ مَا كُنتُمۡ تَكۡسِبُونَ ٢٤
तो क्या जो व्यक्ति क़ियामत के दिन अपने चेहरे4 के साथ, बुरी यातना से, अपनी रक्षा करेगा? तथा अत्याचारियों से कहा जाएगा : उसे चखो, जो तुम किया करते थे।
फ़ुटनोट
4 इसलिए कि उसके हाथ पीछे बंधे होंगे। वह अच्छा है या जो स्वर्ग के सुख में होगा वह अच्छा है?
तफ़सीर
क्या यह आदमी, जिसे अल्लाह ने हिदायत दी और दुनिया में उसे सफलता प्रदान की और आख़िरत में उसे जन्नत में दाखिल किया, उस आदमी के बराबर हो सकता है, जिसने कुफ़्र किया और कुफ़्र ही की अवस्था में मर गया, फिर अल्लाह ने उसके दोनों हाथों और पैरों को बेड़ियों में जकड़कर उसे जहन्नम में दाखिल कर दिया, जो आग से बचने के लिए अपने औंधे पड़े हुए चेहरे के सिवा किसी और अंग का प्रयोग नहीं कर सकता?! तथा कुफ़्र और पाप के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार करने वालों से फटकार के रूप में कहा जाएगा : जो कुछ तुम कुफ़्र और पाप किया करते थे उसका स्वाद चखो। क्योंकि यही तुम्हारा प्रतिफल है।