يُطَافُ عَلَيۡهِم بِصِحَافٖ مِّن ذَهَبٖ وَأَكۡوَابٖۖ وَفِيهَا مَا تَشۡتَهِيهِ ٱلۡأَنفُسُ وَتَلَذُّ ٱلۡأَعۡيُنُۖ وَأَنتُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ ٧١
उनपर सोने की थालें तथा प्याले फिराए जाएँगे और वहाँ वह सब कुछ होगा, जो दिलों को भाए और जिससे आँखें आनंदित हों और तुम उसमें सदा निवास करने वाले हो।
तफ़सीर
उनके सेवक उनके चारों ओर सोने के थाल और बिना हत्थे वाले प्याले लेकर फिरेंगे। तथा जन्नत के अंदर, हर वह चीज़ उपलब्ध होगी, जिसको दिल चाहेंगे और जिसे देखकर आँखें आनंदित होंगी। तथा तुम उसी में रहोगे, वहाँ से कभी बाहर नहीं निकलोगे।