सूरह Az-Zukhruf, आयत 50

43:50

فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابَ إِذَا هُمۡ يَنكُثُونَ ٥٠

फिर जब हम उनसे यातना दूर कर देते, सहसा वे वचन तोड़ देते थे।

तफ़सीर

फिर जब हम उनसे यातना को दूर कर देते, तो वे (तुरंत) अपना वचन तोड़ देते और उसे पूरा नहींं करते।