وَمَا نُرِيهِم مِّنۡ ءَايَةٍ إِلَّا هِيَ أَكۡبَرُ مِنۡ أُخۡتِهَاۖ وَأَخَذۡنَٰهُم بِٱلۡعَذَابِ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ ٤٨
और हम उन्हें जो भी निशानी दिखाते, वह अपने जैसी (पहली निशानी) से बढ़कर होती थी। तथा हम उन्हें यातना से ग्रस्त किया, ताकि वे लौट आएँ।
तफ़सीर
और हम फ़िरऔन तथा उसकी जाति के प्रमुखों को, मूसा अलैहिस्सलाम के लाए हुए धर्म के सही होने की जो भी निशानी दिखाते, वह उससे पहले की निशानी से बढ़कर होती थी। और हमने उन्हें दुनिया में यातना से ग्रस्त किया, ताकि वे अपने कुफ़्र से बाज़ आ जाएँ। लेकिन इसका कोई फ़ायदा न हुआ।