सूरह At-Tur, आयत 4

52:4

وَٱلۡبَيۡتِ ٱلۡمَعۡمُورِ ٤

तथा बैतुल-मा'मूर (आबाद घर)3 की!

फ़ुटनोट

3 यह आकाश में एक घर है जिसकी फ़रिश्ते सदैव परिक्रमा करते रहते हैं। कुछ व्याख्याकारों ने इसका अर्थ काबा लिया है, जो उपासकों से प्रत्येक समय आबाद रहता है। क्योंकि मा'मूर का अर्थ "आबाद" है।

तफ़सीर

और उस घर की क़सम खाई है, जिसे फ़रिश्ते आकाश में अल्लाह की इबादत से आबाद रखते हैं।