सूरह At-Tin, आयत 2

95:2

وَطُورِ سِينِينَ ٢

एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!

तफ़सीर

और सीना (सीनाई) पर्वत की क़सम खाई है, जिसके पास अल्लाह ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।