وَطُورِ سِينِينَ ٢
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
तफ़सीर
और सीना (सीनाई) पर्वत की क़सम खाई है, जिसके पास अल्लाह ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।
وَطُورِ سِينِينَ ٢
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
और सीना (सीनाई) पर्वत की क़सम खाई है, जिसके पास अल्लाह ने अपने नबी मूसा अलैहिस्सलाम से बात की थी।