सूरह At-Talaq, आयत 9

65:9

فَذَاقَتۡ وَبَالَ أَمۡرِهَا وَكَانَ عَٰقِبَةُ أَمۡرِهَا خُسۡرًا ٩

तो उन्होंने अपने किए का दुष्परिणाम चख लिया और उनके कार्य का परिणाम घाटा ही रहा।

तफ़सीर

तो उन्होंने अपने बुरे कर्मों का परिणाम चख लिया। और उनका परिणाम, इस दुनिया में घाटा और आख़िरत में भी घाटा ही रहा।