وَيَرۡزُقۡهُ مِنۡ حَيۡثُ لَا يَحۡتَسِبُۚ وَمَن يَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱللَّهِ فَهُوَ حَسۡبُهُۥٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ بَٰلِغُ أَمۡرِهِۦۚ قَدۡ جَعَلَ ٱللَّهُ لِكُلِّ شَيۡءٖ قَدۡرٗا ٣
और उसे वहाँ से रोज़ी देगा जहाँ से वह गुमान नहीं करता। तथा जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करे, वह उसके लिए पर्याप्त है। निःसंदेह अल्लाह अपना कार्य पूरा करने वाला3 है। निश्चय अल्लाह ने प्रत्येक वस्तु के लिए एक नियत समय निर्धारित कर रखा है।
फ़ुटनोट
3 अर्थात जो दुःख तथा सुख भाग्य में अल्लाह ने लिखा है वह अपने समय में अवश्य पूरा होगा।
तफ़सीर
और उसे वहाँ से रोज़ी देगा, जहाँ से वह सोच भी नहीं सकता और वह उसके दिमाग में भी नहीं आया होगा। और जो अपने कामों में अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए काफ़ी है। निश्चय अल्लाह अपने आदेश को लागू करने वाला है। वह किसी चीज़ से विवश नहीं है और कोई चीज़ उससे नहीं छूटती। अल्लाह ने हर चीज़ का एक नियत समय निर्धारित कर रखा है, जहाँ तक उसे पहुँचना है। चुनाँचे कठिनाई का एक नियत समय निर्धारित है तथा समृद्धि का एक नियत समय निर्धारित है। अतः दोनों में से कोई भी इनसान पर हमेशा नहीं रहती।