सूरह At-Takwir, आयत 25

81:25

وَمَا هُوَ بِقَوۡلِ شَيۡطَٰنٖ رَّجِيمٖ ٢٥

और यह (क़ुरआन) किसी धिक्कारे हुए शैतान की वाणी नहीं है।

तफ़सीर

और यह क़ुरआन अल्लाह की दया से निष्कासित एक शैतान की वाणी नहीं है।