सूरह Ash-Shu'ara, आयत 97

26:97

تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ ٩٧

अल्लाह की क़सम! निःसंदेह हम निश्चय खुली गुमराही में थे।

तफ़सीर

अल्लाह की क़सम! निश्चय हम स्पष्ट रूप से सत्य से भटक गए थे।