सूरह Ash-Shu'ara, आयत 8

26:8

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ٨

निःसंदे इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी3 है। (परंतु) उनमें से अधिकतर ईमान लाने वाले नहीं थे।

फ़ुटनोट

3 अर्थात अल्लाह के सामर्थ्य की।

तफ़सीर

निःसंदेह धरती पर विभिन्न प्रकार के पौधे उगाने में निश्चय इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उन्हें उगाने वाला, मुर्दों को पुनः जीवित करने में सक्षम है। परंतु इसके बावजूद उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं हैं।