सूरह Ash-Shu'ara, आयत 193

26:193

نَزَلَ بِهِ ٱلرُّوحُ ٱلۡأَمِينُ ١٩٣

इसे रूह़ुल-अमीन32 (अत्यंत विश्वसनीय फ़रिश्ता) लेकर उतरा है।

फ़ुटनोट

32 रूह़ुल-अमीन से अभिप्राय आदरणीय फ़रिश्ता जिबरीलल (अलैहिस्सलाम) हैं, जो मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अल्लाह की ओर से वह़्य लेकर उतरते थे, जिसके कारण आप रसूलों की और उनकी जातियों की दशा से अवगत हुए। अतः यह आपके सत्य रसूल होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

तफ़सीर

इसे लेकर जिबरील अमीन अलैहिस्सलाम उतरे हैं।