सूरह Ash-Shu'ara, आयत 173

26:173

وَأَمۡطَرۡنَا عَلَيۡهِم مَّطَرٗاۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلۡمُنذَرِينَ ١٧٣

और हमने उनपर ज़ोरदार बारिश28 बरसाई। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें डराया गया था।

फ़ुटनोट

28 अर्थात पत्थरों की बारिश। (देखिए : सूरत हूद, आयत : 82-83)

तफ़सीर

और हमने उनपर बारिश बरसाने की तरह आकाश से पत्थर बरसाए। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें लूत अलैहिस्सलाम डराते थे और उन्हें चेतावनी देते थे कि अगर वे अपने बुरे कामों में लगे रहे, तो उन्हें अल्लाह की सज़ा भुगतनी पड़ेगी।