सूरह Ash-Shu'ara, आयत 152

26:152

ٱلَّذِينَ يُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا يُصۡلِحُونَ ١٥٢

जो धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और सुधार नहीं करते।

तफ़सीर

जो पाप फैलाकर धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और अल्लाह का आज्ञापालन करके अपने आपको सुधारने का काम नहीं करते हैं।