सूरह Ash-Shu'ara, आयत 14

26:14

وَلَهُمۡ عَلَيَّ ذَنۢبٞ فَأَخَافُ أَن يَقۡتُلُونِ ١٤

और उनका मुझपर एक अपराध का आरोप है। अतः मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार डालेंगे।

तफ़सीर

तथा मेरे एक क़िबती को मारने के कारण, उनका मेरे खिलाफ एक जुर्म का आरोप है। इसलिए मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे।