وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا ٣
और दिन की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को प्रकट कर दे!
तफ़सीर
और दिन की क़सम खाई है, जब वह अपने प्रकाश से धरती के ऊपर मौजूद सारी चीज़ों को प्रकट (ज़ाहिर) कर दे।
وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا ٣
और दिन की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को प्रकट कर दे!
और दिन की क़सम खाई है, जब वह अपने प्रकाश से धरती के ऊपर मौजूद सारी चीज़ों को प्रकट (ज़ाहिर) कर दे।