وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭۖ بَلۡ كُنتُمۡ قَوۡمٗا طَٰغِينَ ٣٠
तथा हमारा तुमपर कोई ज़ोर9 न था, बल्कि तुम (स्वंय) हद से बढ़ने वाले लोग थे।
फ़ुटनोट
9 देखिए : सूरत इबराहीम, आयत : 22
तफ़सीर
ऐ अनुयायियो! हमारा तुम पर कोई ज़ोर नहीं चलता था कि हम तुम्हें कुफ़्र, शिर्क और गुनाह की राह में ज़बरदस्ती डाल देते। बल्कि तुम खुद ही कुफ़्र और गुमराही में सीमा पार करने वाले थे।